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कांग्रेस की स्थापना, नरमपंथी एवं गरमपंथी युग

By ExamAtlas · 29/8/2026

कांग्रेस की स्थापना, नरमपंथी एवं गरमपंथी युग

इस विषय से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और वे नाम, वर्ष तथा अधिवेशन पर केंद्रित रहते हैं। कांग्रेस की स्थापना, दोनों गुटों का अंतर, बंग-भंग और सूरत विभाजन — इन चारों की तिथियाँ पक्की हों तो यह विषय पूरा हो जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

बिंदुविवरण
स्थापना1885
संस्थापकए. ओ. ह्यूम
पहला अधिवेशनबंबई
पहले अध्यक्षव्योमेश चंद्र बनर्जी
पहली महिला अध्यक्षएनी बेसेंट, 1917
पहली भारतीय महिला अध्यक्षसरोजिनी नायडू, 1925

अंतिम दो पंक्तियाँ अलग-अलग हैं और यही जाल बनता है। एनी बेसेंट पहली महिला अध्यक्ष थीं, पर वे आयरिश मूल की थीं; सरोजिनी नायडू पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं।

सरोजिनी नायडू कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं  |   पहली महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं; सरोजिनी नायडू पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं

नरमपंथी एवं गरमपंथी

आधारनरमपंथीगरमपंथी
काल1885 से 19051905 से 1919
तरीकायाचिका, प्रार्थना, विरोधस्वदेशी, बहिष्कार, आत्मनिर्भरता
लक्ष्यब्रिटिश शासन के भीतर सुधारस्वराज
प्रमुख नामदादाभाई नौरोजी, गोखले, फ़िरोज़शाह मेहतातिलक, लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल

दादाभाई नौरोजी को भारत का वयोवृद्ध पुरुष कहा जाता है और उन्होंने धन के निष्कासन का सिद्धांत दिया। बाल गंगाधर तिलक का कथन — स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है — सीधे पूछा जाता है।

बंग-भंग एवं स्वदेशी आंदोलन

लॉर्ड कर्ज़न ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, जिसके विरोध में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन चला। यह पहला बड़ा जन आंदोलन था, जिसमें विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं का प्रयोग मुख्य हथियार बने।

जनविरोध के दबाव में 1911 में बंग-भंग रद्द कर दिया गया और उसी वर्ष राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई। दोनों घटनाएँ एक ही वर्ष की हैं, इसलिए साथ याद रखिए।

सूरत विभाजन एवं लखनऊ समझौता

  • 1907 सूरत अधिवेशन — कांग्रेस नरमपंथी और गरमपंथी दो गुटों में बँट गई।
  • 1916 लखनऊ अधिवेशन — दोनों गुट फिर एक हुए, और इसी अधिवेशन में कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता हुआ।

दो तिथियाँ जोड़े में रखिए — 1907 में टूट, 1916 में जुड़ाव। लखनऊ अधिवेशन में दो काम एक साथ हुए, इसलिए वह अधिक पूछा जाता है।

इस पूरे विषय का ढाँचा तिथियों की एक रेखा है — 1885 स्थापना, 1905 बंग-भंग, 1907 सूरत विभाजन, 1911 बंग-भंग रद्द, 1916 लखनऊ समझौता। यही क्रम याद रखिए।

TRE संकेत: एनी बेसेंट बनाम सरोजिनी नायडू वाला अंतर सबसे अधिक गलत होता है — पहली महिला और पहली भारतीय महिला अलग हैं। 1911 में दो घटनाएँ — बंग-भंग रद्द और राजधानी स्थानांतरण — साथ याद रखिए। लखनऊ 1916 में भी दो काम हुए, पुनर्मिलन और समझौता, इसलिए वही सबसे अधिक पूछा जाता है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए. ओ. ह्यूम ने की; पहला अधिवेशन बंबई में।
  • पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे।
  • एनी बेसेंट पहली महिला और सरोजिनी नायडू पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं।
  • दादाभाई नौरोजी ने धन के निष्कासन का सिद्धांत दिया।
  • 1905 में कर्ज़न ने बंगाल का विभाजन किया; 1911 में वह रद्द हुआ।
  • 1907 में सूरत विभाजन और 1916 में लखनऊ समझौता हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष कौन थीं?

एनी बेसेंट, जो 1917 में अध्यक्ष बनीं। वे आयरिश मूल की थीं। पहली भारतीय महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं, जो 1925 में बनीं। परीक्षा में दोनों नाम साथ रखे जाते हैं, इसलिए यह अंतर स्पष्ट रखना ज़रूरी है।

बंग-भंग कब हुआ और कब रद्द हुआ?

लॉर्ड कर्ज़न ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया और भारी जनविरोध के बाद 1911 में उसे रद्द कर दिया गया। उसी 1911 में राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा भी हुई, इसलिए दोनों घटनाएँ एक साथ याद रखनी चाहिए।

नरमपंथी और गरमपंथी में मूल अंतर क्या था?

तरीक़े का। नरमपंथी याचिका, प्रार्थना और संवैधानिक विरोध से ब्रिटिश शासन के भीतर सुधार चाहते थे। गरमपंथी स्वदेशी, बहिष्कार और आत्मनिर्भरता के रास्ते सीधे स्वराज चाहते थे। लक्ष्य और साधन दोनों में यही भेद था।

लखनऊ अधिवेशन 1916 क्यों महत्वपूर्ण है?

क्योंकि उसमें दो बड़े काम एक साथ हुए। पहला, 1907 के सूरत विभाजन के बाद बँटी कांग्रेस के नरमपंथी और गरमपंथी गुट फिर एक हुए। दूसरा, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता हुआ। इसीलिए यह अधिवेशन बार-बार पूछा जाता है।