शब्द विचार: तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी
Word Origins: Tatsam, Tadbhav, Deshaj and Videshi
शब्द विचार से 2 प्रश्न आते हैं और ये सबसे तेज़ी से हल होने वाले प्रश्न हैं, बशर्ते तत्सम-तद्भव के जोड़े याद हों। परीक्षा प्रायः एक तद्भव शब्द देकर उसका तत्सम रूप पूछती है, इसलिए जोड़ों में अभ्यास कीजिए।
उद्गम के आधार पर शब्द भेद
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्सम | संस्कृत से ज्यों का त्यों | अग्नि, सूर्य, दुग्ध, हस्त |
| तद्भव | संस्कृत से बदलकर आया | आग, सूरज, दूध, हाथ |
| देशज | स्थानीय बोलचाल से बना | खिड़की, पगड़ी, लोटा, ठेठ |
| विदेशी | अन्य भाषाओं से | कलम, स्कूल, कुर्सी, चाय |
तत्सम का अर्थ है उसी के समान, यानी संस्कृत जैसा ही; तद्भव का अर्थ है उससे उत्पन्न, यानी संस्कृत से बदलकर बना। यह अर्थ याद रहे तो भेद कभी नहीं भूलता।
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
|---|---|---|---|
| कर्ण | कान | क्षेत्र | खेत |
| मयूर | मोर | गृह | घर |
| वत्स | बच्चा | अश्रु | आँसू |
| चंद्र | चाँद | कर्म | काम |
✗ सूरज तत्सम शब्द है | ✓ सूरज तद्भव है; इसका तत्सम रूप सूर्य है
विदेशी शब्दों का स्रोत
- अरबी — कलम, किताब, दुनिया, अमीर, कानून।
- फ़ारसी — आदमी, चश्मा, दुकान, ज़मीन, बाग़।
- तुर्की — कैंची, चाकू, तोप, बेगम।
- पुर्तगाली — आलमारी, चाबी, बाल्टी, तौलिया।
- अंग्रेज़ी — स्कूल, डॉक्टर, टिकट, कॉलेज।
तुर्की और पुर्तगाली की सूचियाँ छोटी हैं, इसलिए इन्हें पूरा याद कर लेना चाहिए — प्रश्न प्रायः इन्हीं दो से बनता है, क्योंकि अरबी-फ़ारसी की सूची बहुत लंबी है।
रचना के आधार पर शब्द भेद
- रूढ़ — जिनके टुकड़े सार्थक न हों, जैसे नाक, घर, कल।
- यौगिक — दो सार्थक शब्दों से बने, जैसे विद्यालय, रसोईघर, पाठशाला।
- योगरूढ़ — यौगिक होकर भी विशेष अर्थ में रूढ़, जैसे पंकज, दशानन, जलज।
योगरूढ़ सबसे अधिक पूछा जाता है। पंकज का शाब्दिक अर्थ है कीचड़ में उत्पन्न, पर यह केवल कमल के लिए रूढ़ हो गया है। दशानन का अर्थ दस मुँह वाला है, पर संकेत केवल रावण की ओर है।
पहचान का नियम: यदि शब्द के टुकड़े अलग-अलग अर्थ देते हैं पर पूरा शब्द किसी एक ही वस्तु के लिए रूढ़ हो गया है, तो वह योगरूढ़ है।
TRE संकेत: तत्सम-तद्भव को जोड़ों में याद कीजिए, अलग-अलग नहीं — कर्ण-कान, मयूर-मोर, अश्रु-आँसू। योगरूढ़ के तीन उदाहरण — पंकज, दशानन, जलज — लगभग तय प्रश्न हैं। विदेशी शब्दों में तुर्की और पुर्तगाली की छोटी सूची पूरी याद कर लीजिए, क्योंकि पत्र वहीं से पूछता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- तत्सम संस्कृत जैसा ही, तद्भव संस्कृत से बदलकर बना शब्द।
- देशज स्थानीय बोली से, विदेशी अन्य भाषाओं से आए शब्द।
- कर्ण-कान, मयूर-मोर, अश्रु-आँसू, क्षेत्र-खेत मानक जोड़े हैं।
- कैंची और चाकू तुर्की, आलमारी और चाबी पुर्तगाली शब्द हैं।
- रचना के आधार पर शब्द रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ होते हैं।
- पंकज, दशानन और जलज योगरूढ़ शब्द हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तत्सम और तद्भव में अंतर क्या है?
तत्सम शब्द संस्कृत से ज्यों का त्यों हिंदी में आया है, जैसे अग्नि, हस्त और दुग्ध। तद्भव शब्द संस्कृत से ही आया है पर उच्चारण में बदल गया है, जैसे आग, हाथ और दूध। दोनों का मूल एक ही होता है, रूप अलग।
योगरूढ़ शब्द किसे कहते हैं?
उस यौगिक शब्द को जो अपने शाब्दिक अर्थ के बजाय किसी एक विशेष अर्थ में रूढ़ हो गया हो। पंकज का शाब्दिक अर्थ कीचड़ में उत्पन्न है, पर यह केवल कमल के लिए प्रयुक्त होता है। दशानन इसी तरह केवल रावण के लिए है।
देशज शब्द कौन-से होते हैं?
वे जो संस्कृत या किसी विदेशी भाषा से नहीं, बल्कि स्थानीय बोलचाल और लोकभाषा से हिंदी में आए हैं। खिड़की, पगड़ी, लोटा, ठेठ और झाड़ू इसके उदाहरण हैं। इनका कोई संस्कृत मूल नहीं खोजा जा सकता।
कैंची और चाकू किस भाषा के शब्द हैं?
तुर्की भाषा के। तोप और बेगम भी तुर्की से आए हैं और यह सूची छोटी होने के कारण परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है। आलमारी, चाबी, बाल्टी और तौलिया पुर्तगाली से आए हैं, जो दूसरी छोटी और अक्सर पूछी जाने वाली सूची है।
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