Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

सौर मंडल, तारे एवं कृत्रिम उपग्रह

By ExamAtlas · 29/8/2026

सौर मंडल, तारे एवं कृत्रिम उपग्रह

सौर मंडल से सामान्य ज्ञान जैसा एक प्रश्न प्रायः आ ही जाता है और वह अधिकतर ग्रहों की विशेषताओं, चंद्रमा की कलाओं या ग्रहणों पर होता है। तथ्य सीमित हैं, इसलिए यह भाग कम मेहनत में पूरा नंबर देने वाला माना जाता है।

सौर मंडल

सूर्य और उसके चारों ओर घूमने वाले आठ ग्रह, उनके उपग्रह, क्षुद्रग्रह तथा धूमकेतु मिलकर सौर मंडल बनाते हैं। सूर्य से दूरी के क्रम में ग्रह हैं — बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण।

ग्रहविशेषता
बुधसूर्य के सबसे निकट और सबसे छोटा ग्रह
शुक्रसबसे चमकीला; भोर का तारा भी कहलाता है; सबसे गर्म ग्रह
पृथ्वीअब तक ज्ञात एकमात्र जीवनयुक्त ग्रह; नीला ग्रह
मंगललाल ग्रह; इसके दो उपग्रह हैं
बृहस्पतिसबसे बड़ा ग्रह
शनिस्पष्ट वलयों वाला ग्रह

शुक्र सबसे गर्म ग्रह है, बुध नहीं, यद्यपि बुध सूर्य के अधिक पास है। कारण यह कि शुक्र के चारों ओर कार्बन डाइऑक्साइड का घना आवरण है जो ऊष्मा को बाहर नहीं निकलने देता। यह उलटफेर परीक्षा का प्रिय प्रश्न है।

चंद्रमा एवं उसकी कलाएँ

चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। उसका अपना प्रकाश नहीं होता, वह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है। पृथ्वी के चारों ओर एक चक्कर लगाने में उसे लगभग 27 दिन लगते हैं और घूर्णन तथा परिक्रमण का समय लगभग बराबर होने के कारण उसका एक ही भाग हमेशा हमारी ओर रहता है।

सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की बदलती स्थितियों से चंद्रमा का चमकीला भाग घटता-बढ़ता दिखता है, इसे चंद्र कलाएँ कहते हैं। पूर्णिमा को पूरा चंद्रमा और अमावस्या को वह बिल्कुल नहीं दिखता। चंद्रमा पर वायुमंडल न होने से वहाँ न ध्वनि सुनी जा सकती है और न आकाश नीला दिखता है।

ग्रहण

ग्रहणकबक्रम
सूर्य ग्रहणअमावस्या कोसूर्य – चंद्रमा – पृथ्वी
चंद्र ग्रहणपूर्णिमा कोसूर्य – पृथ्वी – चंद्रमा

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा बीच में आकर सूर्य को ढक ले, और वह सदैव अमावस्या को ही होता है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़े, और वह सदैव पूर्णिमा को होता है।

सूर्य ग्रहण पूर्णिमा को होता है  |   सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है; पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण होता है

सूर्य ग्रहण को कभी नंगी आँखों से नहीं देखना चाहिए, इससे रेटिना को स्थायी क्षति हो सकती है। विशेष सौर चश्मे या प्रक्षेपण विधि का प्रयोग करना चाहिए।

तारे एवं कृत्रिम उपग्रह

तारे स्वयं प्रकाश देते हैं जबकि ग्रह परावर्तित प्रकाश से चमकते हैं। तारे टिमटिमाते हैं पर ग्रह नहीं, क्योंकि तारे बहुत दूर होने से बिंदु जैसे दिखते हैं और वायुमंडलीय अपवर्तन उनका प्रकाश डगमगा देता है। सूर्य के बाद निकटतम तारा प्रॉक्सिमा सेंटौरी है।

कृत्रिम उपग्रह मनुष्य द्वारा कक्षा में स्थापित किए जाते हैं और संचार, मौसम पूर्वानुमान, प्रसारण तथा सुदूर संवेदन में काम आते हैं। भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह आर्यभट्ट था, जो 1975 में छोड़ा गया।

सूर्य और चंद्र ग्रहण का क्रम याद रखने का सरल तरीका — नाम में जो ग्रह है, वह ढका जा रहा है। सूर्य ग्रहण में सूर्य ढकता है, इसलिए चंद्रमा बीच में; चंद्र ग्रहण में चंद्रमा ढकता है, इसलिए पृथ्वी बीच में।

TRE संकेत: शुक्र सबसे गर्म ग्रह और बुध सबसे छोटा — यह जोड़ी अक्सर उलटकर पूछी जाती है। सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है, यह लगभग तय प्रश्न है। तारे टिमटिमाते हैं पर ग्रह नहीं और आर्यभट्ट भारत का पहला उपग्रह भी सीधे आ चुके हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • सौर मंडल में आठ ग्रह हैं; प्लूटो अब बौना ग्रह माना जाता है।
  • बृहस्पति सबसे बड़ा, बुध सबसे छोटा और शुक्र सबसे गर्म ग्रह है।
  • चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं होता, वह सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है।
  • सूर्य ग्रहण अमावस्या को और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को होता है।
  • तारे टिमटिमाते हैं क्योंकि वे बिंदु जैसे दिखते हैं और उनका प्रकाश अपवर्तित होता है।
  • भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह आर्यभट्ट था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध सूर्य के अधिक पास होकर भी सबसे गर्म ग्रह क्यों नहीं है?

क्योंकि बुध पर वायुमंडल लगभग नहीं है, इसलिए दिन की गर्मी रात में तुरंत बाहर निकल जाती है। शुक्र पर कार्बन डाइऑक्साइड का बहुत घना आवरण है जो ऊष्मा को रोक लेता है और हरितगृह प्रभाव पैदा करता है, इसीलिए दूर होकर भी शुक्र सबसे गर्म ग्रह है।

तारे टिमटिमाते हैं पर ग्रह क्यों नहीं?

तारे इतने दूर हैं कि वे प्रकाश के बिंदु जैसे दिखते हैं, और वायुमंडल की बदलती परतों से गुज़रते समय उनका प्रकाश थोड़ा-थोड़ा मुड़ता रहता है, जिससे वे टिमटिमाते लगते हैं। ग्रह पास होने के कारण छोटी चकती जैसे दिखते हैं और उनके कई बिंदुओं का प्रभाव आपस में संतुलित हो जाता है।

चंद्रमा का एक ही भाग हमें क्यों दिखता है?

चंद्रमा को अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करने में उतना ही समय लगता है जितना पृथ्वी की परिक्रमा करने में। दोनों गतियों का समय लगभग बराबर होने के कारण उसका एक ही गोलार्ध हमेशा पृथ्वी की ओर रहता है और दूसरा भाग पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता।

हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण क्यों नहीं लगता?

क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग पाँच अंश झुकी हुई है। इसलिए अधिकतर अमावस्याओं पर चंद्रमा सूर्य के थोड़ा ऊपर या नीचे से गुज़र जाता है और उसकी छाया पृथ्वी पर नहीं पड़ती। ग्रहण तभी होता है जब तीनों लगभग एक सीधी रेखा में आ जाएँ।