वर्ग, वर्गमूल, घन एवं घनमूल
वर्ग, वर्गमूल, घन एवं घनमूल
इस विषय से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और अधिकांश उम्मीदवार यहाँ लंबी गणना में समय गँवाते हैं। असल में पूर्ण वर्गों के गुण और कुछ सर्वसमिकाएँ याद हों तो ये प्रश्न देखते ही हल हो जाते हैं, गणना करनी ही नहीं पड़ती।
पूर्ण वर्गों के गुण
- पूर्ण वर्ग का इकाई अंक कभी 2, 3, 7 या 8 नहीं होता।
- पूर्ण वर्ग के अंत में विषम संख्या में शून्य नहीं आते।
- हर पूर्ण वर्ग या तो 4 का गुणज है या 4 से भाग देने पर 1 शेष बचाता है।
- किसी संख्या का वर्ग हमेशा धनात्मक होता है।
पहला गुण सबसे उपयोगी है — विकल्प में कोई संख्या 2, 3, 7 या 8 पर समाप्त हो रही हो तो वह पूर्ण वर्ग हो ही नहीं सकती। इससे बिना गणना के विकल्प कट जाते हैं।
✗ 1078 एक पूर्ण वर्ग हो सकता है | ✓ इकाई अंक 8 है, और कोई पूर्ण वर्ग 8 पर समाप्त नहीं होता
एक और तयशुदा तथ्य — लगातार विषम संख्याओं का योग सदा पूर्ण वर्ग होता है। 1 + 3 + 5 = 9, और पहली n विषम संख्याओं का योग n² होता है।
काम की सर्वसमिकाएँ
(a + b)² = a² + 2ab + b² | (a − b)² = a² − 2ab + b²
a² − b² = (a + b)(a − b)
तीसरी सर्वसमिकता गणना का सबसे तेज़ औज़ार है। 97² निकालना हो तो (100 − 3)² लिखिए — 10000 − 600 + 9 = 9409। यह मानसिक रूप से हो जाता है।
इसी तरह 101 × 99 को (100 + 1)(100 − 1) यानी 10000 − 1 = 9999 के रूप में तुरंत हल किया जा सकता है। परीक्षा में ऐसे ही अंक बनाए जाते हैं।
वर्गमूल निकालना
- अभाज्य गुणनखंड विधि — संख्या को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़िए, जोड़े बनाइए, हर जोड़े से एक अंक लीजिए।
- दीर्घ विभाजन विधि — बड़ी संख्याओं और असांत मानों के लिए।
- इकाई अंक विधि — पूर्ण वर्ग हो तो इकाई अंक से मूल का इकाई अंक तुरंत पता चल जाता है।
| संख्या का इकाई अंक | वर्गमूल का इकाई अंक |
|---|---|
| 1 | 1 या 9 |
| 4 | 2 या 8 |
| 5 | 5 |
| 6 | 4 या 6 |
| 9 | 3 या 7 |
घन एवं घनमूल
घन में चिह्न बना रहता है — ऋणात्मक संख्या का घन ऋणात्मक होता है, जबकि वर्ग सदा धनात्मक। इसीलिए ऋणात्मक संख्या का घनमूल निकल सकता है, वर्गमूल नहीं (वास्तविक संख्याओं में)। यह अंतर स्नातक स्तर पर पूछा जाता है।
(a + b)³ = a³ + 3a²b + 3ab² + b³
पूर्ण घन के इकाई अंक की पहचान भी काम आती है — 2 का घन 8 पर और 8 का घन 2 पर समाप्त होता है, 3 का 7 पर और 7 का 3 पर; शेष अंकों में इकाई अंक वही रहता है।
गणना से पहले हमेशा देखिए कि सर्वसमिकता लग सकती है या नहीं। 97², 101 × 99, 53² − 47² — तीनों बिना कागज़ के हो जाते हैं यदि सर्वसमिकता पहचान ली जाए।
TRE संकेत: इकाई अंक 2, 3, 7, 8 वाली संख्या पूर्ण वर्ग नहीं — यह एक नियम कई विकल्प तुरंत काट देता है। a² − b² = (a+b)(a−b) का प्रयोग सीखिए, यह सबसे अधिक समय बचाता है। और यह याद रखिए कि ऋणात्मक का घनमूल निकलता है, वर्गमूल नहीं।
60 सेकंड का रिवीजन
- पूर्ण वर्ग कभी 2, 3, 7 या 8 पर समाप्त नहीं होता।
- पहली n विषम संख्याओं का योग n² होता है।
- a² − b² = (a + b)(a − b) — गणना का सबसे तेज़ औज़ार।
- 97² को (100 − 3)² लिखकर मानसिक रूप से हल कीजिए।
- इकाई अंक से पूर्ण वर्ग के मूल का इकाई अंक पता चल जाता है।
- ऋणात्मक संख्या का घन ऋणात्मक होता है, वर्ग सदा धनात्मक।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैसे पहचानें कि कोई संख्या पूर्ण वर्ग नहीं है?
उसका इकाई अंक देखिए। कोई भी पूर्ण वर्ग दो, तीन, सात या आठ पर समाप्त नहीं होता। साथ ही पूर्ण वर्ग के अंत में विषम संख्या में शून्य भी नहीं आते। इन दो जाँचों से विकल्प बिना किसी गणना के कट जाते हैं।
97 का वर्ग बिना कागज़ के कैसे निकालें?
उसे सौ घटा तीन का वर्ग लिखिए। सर्वसमिकता से यह दस हज़ार घटा छह सौ जोड़ नौ बनता है, यानी नौ हज़ार चार सौ नौ। इसी तरह एक सौ एक गुणा निन्यानबे को सौ जोड़ एक गुणा सौ घटा एक लिखकर दस हज़ार घटा एक यानी नौ हज़ार नौ सौ निन्यानबे मिल जाता है।
ऋणात्मक संख्या का वर्गमूल क्यों नहीं निकलता?
क्योंकि किसी भी वास्तविक संख्या का वर्ग सदा धनात्मक होता है, इसलिए ऐसी कोई वास्तविक संख्या नहीं जिसका वर्ग ऋणात्मक हो। घन में ऐसा नहीं है — ऋणात्मक संख्या का घन ऋणात्मक होता है, इसलिए ऋणात्मक संख्या का घनमूल निकल जाता है।
लगातार विषम संख्याओं के योग में क्या विशेषता है?
वह सदा एक पूर्ण वर्ग होता है। एक जोड़ तीन बराबर चार, एक जोड़ तीन जोड़ पाँच बराबर नौ, और इसी तरह पहली n विषम संख्याओं का योग n का वर्ग होता है। यह तथ्य परीक्षा में सीधे पूछा जाता है।
