पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन
Surface Area and Volume
त्रिविमीय आकृतियों से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और यहाँ सबसे बड़ी भूल सूत्र में नहीं, प्रश्न पढ़ने में होती है — कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल पूछा गया है या वक्र, यह ध्यान से देखना ही आधा काम है।
ठोस आकृतियों के सूत्र
| ठोस | आयतन | कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल |
|---|---|---|
| घन | a³ | 6a² |
| घनाभ | ल × चौ × ऊँ | 2(लचौ + चौऊँ + ऊँल) |
| बेलन | πr²h | 2πr(r + h) |
| शंकु | ⅓πr²h | πr(r + l) |
| गोला | (4/3)πr³ | 4πr² |
| अर्धगोला | (2/3)πr³ | 3πr² |
शंकु में l तिर्यक ऊँचाई है, सीधी ऊँचाई नहीं, और तीनों में संबंध l² = r² + h² होता है। सवाल में h दिया हो और सूत्र में l चाहिए, तो पहले यही निकालिए।
✗ शंकु के पृष्ठीय क्षेत्रफल में सीधी ऊँचाई h लगती है | ✓ वहाँ तिर्यक ऊँचाई l लगती है, जो l² = r² + h² से निकलती है
प्रश्न सही पढ़ना
- कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल — सभी सतहें, ऊपर और नीचे सहित।
- वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल — केवल गोल सतह; बेलन में 2πrh, शंकु में πrl।
- खुला बर्तन — ऊपर का ढक्कन नहीं गिना जाता, इसलिए एक वृत्त कम।
- कमरे की चार दीवारें — केवल पार्श्व सतह, यानी 2h(ल + चौ)।
तीसरा और चौथा बिंदु बहुत पूछे जाते हैं। खुली टंकी में एक सतह घट जाती है और कमरे की पुताई में फ़र्श नहीं गिना जाता, छत गिनी जाए या नहीं यह प्रश्न में देखना पड़ता है।
त्रिविमीय में विमा बदलना
| परिवर्तन | पृष्ठीय क्षेत्रफल | आयतन |
|---|---|---|
| भुजा दोगुनी | चार गुना | आठ गुना |
| त्रिज्या तिगुनी | नौ गुना | सत्ताईस गुना |
| भुजा आधी | चौथाई | आठवाँ भाग |
नियम वही है, बस एक कदम आगे — क्षेत्रफल वर्ग के अनुपात में और आयतन घन के अनुपात में बदलता है। यह तयशुदा प्रश्न है।
पिघलाना एवं ढालना
जब कोई ठोस पिघलाकर दूसरी आकृति में ढाला जाता है, तो आयतन वही रहता है, पृष्ठीय क्षेत्रफल बदल जाता है। यही पूरे प्रकार का आधार है।
पुरानी आकृति का आयतन = नई आकृति का आयतन
इसी से निकलता है — एक गोला पिघलाकर कितनी छोटी गोलियाँ बनेंगी, या बेलनाकार तार कितना लंबा होगा। संख्या = बड़े का आयतन ÷ छोटे का आयतन।
एक और आम प्रकार — कुआँ खोदकर निकली मिट्टी से चबूतरा बनाना। वहाँ भी कुएँ का आयतन और चबूतरे का आयतन बराबर रखा जाता है।
त्रिविमीय सवाल में पहले यह लिखिए कि कौन-सी राशि स्थिर है। पिघलाने में आयतन स्थिर रहता है, इसलिए वहीं से समीकरण बनाइए — बाक़ी सब उसी से निकल आता है।
TRE संकेत: कुल बनाम वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल का अंतर ध्यान से पढ़िए, यहीं सबसे अधिक अंक जाते हैं। शंकु में तिर्यक ऊँचाई l लगती है, h नहीं। भुजा दोगुनी पर आयतन आठ गुना तय प्रश्न है। और पिघलाने वाले सवाल में आयतन स्थिर रहता है — यही एक पंक्ति पूरा हल दे देती है।
60 सेकंड का रिवीजन
- घन का आयतन a³ और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 6a² होता है।
- गोले का आयतन (4/3)πr³ और पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr² है।
- शंकु में तिर्यक ऊँचाई l लगती है, जहाँ l² = r² + h²।
- खुले बर्तन में ऊपर की सतह नहीं गिनी जाती।
- भुजा दोगुनी पर क्षेत्रफल चार गुना और आयतन आठ गुना होता है।
- पिघलाकर ढालने पर आयतन वही रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कुल और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल में क्या अंतर है?
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में सभी सतहें गिनी जाती हैं, जिसमें बेलन के दोनों वृत्ताकार सिरे भी शामिल हैं। वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल में केवल गोल सतह गिनी जाती है, यानी बेलन में दो पाई r h और शंकु में पाई r l। प्रश्न में कौन-सा पूछा गया है, यह ध्यान से पढ़ना चाहिए।
शंकु के सूत्र में कौन-सी ऊँचाई लगती है?
पृष्ठीय क्षेत्रफल में तिर्यक ऊँचाई l लगती है और आयतन में सीधी ऊँचाई h। दोनों में संबंध l का वर्ग बराबर r का वर्ग जोड़ h का वर्ग होता है। यदि प्रश्न में h दिया हो और सूत्र में l चाहिए, तो पहले इसी से l निकालना पड़ता है।
पिघलाकर ढालने वाले सवाल कैसे हल करें?
यह मानकर कि आयतन नहीं बदलता। पुरानी आकृति का आयतन नई आकृति के आयतन के बराबर रखिए और वहीं से समीकरण बनाइए। यदि कई छोटी आकृतियाँ बननी हैं तो उनकी संख्या बड़े आयतन को छोटे आयतन से भाग देकर निकलती है।
कमरे की चार दीवारों का क्षेत्रफल कैसे निकलता है?
दो गुणा ऊँचाई गुणा लंबाई जोड़ चौड़ाई से, यानी केवल पार्श्व सतह। इसमें फ़र्श और छत शामिल नहीं होते। यदि प्रश्न में छत की पुताई भी कहा गया हो तो उसका क्षेत्रफल अलग से जोड़ना पड़ता है, इसलिए प्रश्न ध्यान से पढ़िए।
Checking your account…
It takes a minute with your WhatsApp number. Reading is free.
Done with this topic?
Lock it in with a quick Practice Set, then move on.