समय-कार्य एवं समय-चाल-दूरी
समय-कार्य एवं समय-चाल-दूरी
यह विषय वाणिज्यिक गणित को पूरा करता है और अकेले 2 प्रश्न तक देता है। दोनों हिस्से एक ही विचार पर चलते हैं — एक इकाई समय में कितना काम या कितनी दूरी। यह पकड़ में आ जाए तो सूत्र याद रखने की ज़रूरत काफ़ी घट जाती है।
समय-कार्य: ल.स. विधि
पारंपरिक भिन्न वाली विधि से तेज़ रास्ता ल.स. विधि है। कुल काम को दिए गए दिनों का ल.स. मान लीजिए, फिर हर व्यक्ति की एक दिन की क्षमता निकाल लीजिए।
उदाहरण — A काम 12 दिन में और B 18 दिन में करता है। कुल काम 36 इकाई मानिए। तब A की क्षमता 3 इकाई प्रतिदिन और B की 2 इकाई। साथ मिलकर 5 इकाई, इसलिए समय 36 ÷ 5 = 7.2 दिन।
यह विधि भिन्न से बचाती है और तीन या अधिक व्यक्तियों वाले सवालों में तो और भी तेज़ पड़ती है। ल.स. विधि को आदत बना लीजिए, यही सबसे बड़ा सुधार है।
✗ दो लोग साथ काम करें तो उनके दिन जोड़ दिए जाते हैं | ✓ दिन नहीं, एक दिन की क्षमता जोड़ी जाती है
नल एवं टंकी
यह वही विषय है, बस भरने वाला नल धनात्मक और खाली करने वाला ऋणात्मक क्षमता रखता है। इसलिए कुल क्षमता निकालते समय खाली करने वाले को घटाइए।
यदि उत्तर ऋणात्मक आ जाए तो उसका अर्थ है कि टंकी भर ही नहीं पाएगी, वह खाली होती जाएगी। यह निष्कर्ष भी पूछा जाता है।
चाल, समय एवं दूरी
दूरी = चाल × समय
| बदलना है | गुणा कीजिए |
|---|---|
| किमी/घंटा से मी/सेकंड | 5/18 |
| मी/सेकंड से किमी/घंटा | 18/5 |
चाल और समय व्युत्क्रम समानुपात में होते हैं जब दूरी स्थिर हो। इसीलिए यदि चाल का अनुपात 3 : 4 हो तो समय का अनुपात 4 : 3 होगा। यह उलटाव सीधे प्रश्न बनता है।
औसत चाल निकालते समय सावधानी चाहिए — वह चालों का साधारण औसत नहीं होती। बराबर दूरी दो अलग चालों से तय करने पर औसत चाल 2xy ÷ (x + y) होती है।
बराबर दूरी पर औसत चाल = 2xy ÷ (x + y)
रेलगाड़ी एवं नाव
- खंभा पार करना — तय दूरी केवल रेलगाड़ी की लंबाई।
- पुल या प्लेटफ़ॉर्म पार करना — रेलगाड़ी और पुल दोनों की लंबाई।
- विपरीत दिशा — चालें जोड़िए; एक ही दिशा — घटाइए।
- धारा के साथ — नाव + धारा; धारा के विरुद्ध — नाव − धारा।
नाव की चाल = (अनुकूल + प्रतिकूल) ÷ 2 | धारा की चाल = (अनुकूल − प्रतिकूल) ÷ 2
रेलगाड़ी और नाव दोनों में एक ही तर्क है — दिशा एक हो तो घटाव, विपरीत हो तो जोड़। इसलिए दोनों को अलग-अलग नहीं, एक साथ याद कीजिए।
TRE संकेत: ल.स. विधि समय-कार्य का सबसे तेज़ रास्ता है, इसे अपनाइए। औसत चाल 2xy/(x+y) तयशुदा प्रश्न है और साधारण औसत वाला उत्तर विकल्प में ज़रूर रहता है। खंभा बनाम पुल का अंतर और नाव-धारा के दोनों सूत्र भी अलग से याद रखिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- ल.स. विधि में कुल काम को दिनों का ल.स. मान लीजिए।
- साथ काम करने पर एक दिन की क्षमताएँ जोड़ी जाती हैं, दिन नहीं।
- खाली करने वाले नल की क्षमता ऋणात्मक ली जाती है।
- दूरी स्थिर हो तो चाल और समय व्युत्क्रम अनुपात में होते हैं।
- बराबर दूरी पर औसत चाल 2xy ÷ (x + y) होती है।
- नाव की चाल = अनुकूल और प्रतिकूल चालों का औसत।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समय-कार्य में ल.स. विधि कैसे लगाई जाती है?
कुल काम को दिए गए दिनों का लघुत्तम समापवर्त्य मान लीजिए, फिर हर व्यक्ति की एक दिन की क्षमता निकालिए। बारह और अठारह दिन वाले सवाल में कुल काम छत्तीस इकाई मानने पर क्षमताएँ तीन और दो इकाई आती हैं, और साथ मिलकर समय छत्तीस बटा पाँच दिन निकल आता है।
औसत चाल चालों का औसत क्यों नहीं होती?
क्योंकि दोनों चालों पर बिताया गया समय अलग-अलग होता है। धीमी चाल पर अधिक समय लगता है, इसलिए वह औसत को अपनी ओर खींचती है। बराबर दूरी तय करने पर औसत चाल दो गुणा x गुणा y बटा x जोड़ y होती है, जो सदा साधारण औसत से कम रहती है।
नाव और धारा की चाल कैसे निकालें?
अनुकूल और प्रतिकूल चालों का औसत नाव की चाल देता है, और उनका आधा अंतर धारा की चाल। यह इसलिए है कि अनुकूल चाल में दोनों जुड़ती हैं और प्रतिकूल में घटती हैं, इसलिए जोड़ और अंतर से दोनों अलग निकल आती हैं।
टंकी वाले सवाल में उत्तर ऋणात्मक आ जाए तो क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि खाली करने वाले नल की क्षमता भरने वालों से अधिक है, इसलिए टंकी कभी भरेगी ही नहीं, बल्कि खाली होती जाएगी। ऐसे सवालों में यही निष्कर्ष उत्तर होता है और कोई समय नहीं निकाला जाता।
