Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

वाक्य के अंग एवं रचना के आधार पर भेद

By ExamAtlas · 29/8/2026

वाक्य के अंग एवं रचना के आधार पर भेद

वाक्य विचार से भाग-III हिंदी में लगभग 8 प्रश्न आते हैं और यह विषय उनमें से 2 देता है। परीक्षा उद्देश्य-विधेय पहचानने को कहती है या यह पूछती है कि दिया गया वाक्य सरल है, संयुक्त है या मिश्र — इसलिए पहचान का नियम स्पष्ट होना चाहिए।

वाक्य के दो अंग

हर वाक्य के दो अंग होते हैं। उद्देश्य वह है जिसके बारे में कुछ कहा जाए, और विधेय वह है जो उसके बारे में कहा जाए। राम पत्र लिखता है — इसमें राम उद्देश्य है और पत्र लिखता है विधेय।

उद्देश्य के साथ जुड़ने वाले शब्द उद्देश्य का विस्तार कहलाते हैं और विधेय के साथ जुड़ने वाले विधेय का विस्तार। परिश्रमी राम प्रतिदिन पत्र लिखता है — यहाँ परिश्रमी उद्देश्य का विस्तार है और प्रतिदिन विधेय का।

वाक्य में क्रिया ही उद्देश्य होती है  |   क्रिया विधेय का भाग है; उद्देश्य वह है जिसके बारे में कहा जा रहा है

रचना के आधार पर तीन भेद

भेदपहचानउदाहरण
सरल वाक्यएक ही क्रिया, एक उद्देश्यराम पत्र लिखता है
संयुक्त वाक्यदो स्वतंत्र वाक्य समुच्चयबोधक से जुड़ेराम आया और श्याम गया
मिश्र वाक्यएक मुख्य और एक आश्रित उपवाक्यजो परिश्रम करता है, वह सफल होता है

पहचान का सबसे भरोसेमंद तरीका जोड़ने वाला शब्द देखना है। और, किंतु, परंतु, या, इसलिए आएँ तो प्रायः संयुक्त वाक्य है। जो-वह, जब-तब, यदि-तो, क्योंकि आएँ तो मिश्र वाक्य है।

अंतर यह है कि संयुक्त वाक्य के दोनों हिस्से अलग करके भी पूरे वाक्य बन जाते हैं, जबकि मिश्र वाक्य का आश्रित उपवाक्य अकेला अधूरा रहता है। जो परिश्रम करता है — यह अकेला कुछ नहीं कहता, इसलिए वाक्य मिश्र है।

उपवाक्य के भेद

  1. संज्ञा उपवाक्य — संज्ञा का काम करे, जैसे उसने कहा कि वह आएगा
  2. विशेषण उपवाक्य — संज्ञा की विशेषता बताए, जैसे वह लड़का जो कल आया था
  3. क्रियाविशेषण उपवाक्य — क्रिया की विशेषता बताए, जैसे जब वह आया, तब मैं सो रहा था।

आसान जाँच: वाक्य के दोनों हिस्सों को अलग-अलग बोलकर देखिए। दोनों अकेले पूरे लगें तो संयुक्त वाक्य; एक अधूरा लगे तो मिश्र वाक्य। यह जाँच लगभग हर बार सही उत्तर देती है।

TRE संकेत: जोड़ने वाले शब्द से भेद पहचानिए — और, किंतु, परंतु से संयुक्त; जो-वह, जब-तब, यदि-तो से मिश्र। उद्देश्य और विधेय का प्रश्न भी लगभग तय है। शिक्षक भर्ती के पत्र में वाक्य रचना को अतिरिक्त महत्व मिलता है, क्योंकि यही कक्षा में भाषा-शिक्षण का आधार बनती है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • वाक्य के दो अंग — उद्देश्य और विधेय।
  • उद्देश्य वह जिसके बारे में कहा जाए, विधेय जो कहा जाए।
  • रचना के आधार पर वाक्य सरल, संयुक्त और मिश्र होते हैं।
  • और, किंतु, इसलिए से संयुक्त; जो-वह, जब-तब, यदि-तो से मिश्र वाक्य बनता है।
  • संयुक्त वाक्य के दोनों हिस्से अकेले भी पूरे रहते हैं।
  • उपवाक्य तीन प्रकार के — संज्ञा, विशेषण और क्रियाविशेषण।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त और मिश्र वाक्य में अंतर कैसे पहचानें?

दोनों हिस्सों को अलग करके बोलिए। यदि दोनों अकेले भी पूरे वाक्य लगें तो वह संयुक्त वाक्य है, जैसे राम आया और श्याम गया। यदि एक हिस्सा अकेला अधूरा लगे तो वह मिश्र वाक्य है, जैसे जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।

उद्देश्य और विधेय क्या होते हैं?

उद्देश्य वह भाग है जिसके बारे में कुछ कहा जा रहा है और विधेय वह भाग है जो उसके बारे में कहा जा रहा है। राम पत्र लिखता है में राम उद्देश्य है तथा पत्र लिखता है विधेय। क्रिया सदा विधेय का हिस्सा होती है।

आश्रित उपवाक्य किसे कहते हैं?

उस उपवाक्य को जो अकेला पूरा अर्थ नहीं देता और किसी मुख्य उपवाक्य पर आश्रित रहता है। जो परिश्रम करता है, यह अकेला अधूरा है और वह सफल होता है के साथ ही अर्थ देता है। इसीलिए ऐसे वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता है।

उपवाक्य के कितने भेद होते हैं?

तीन — संज्ञा उपवाक्य, विशेषण उपवाक्य और क्रियाविशेषण उपवाक्य। संज्ञा उपवाक्य प्रायः कि से शुरू होता है, विशेषण उपवाक्य जो से और क्रियाविशेषण उपवाक्य जब, जहाँ या यदि से। शुरुआती शब्द ही भेद तक पहुँचा देता है।