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वर्तनी शुद्धि एवं वाक्य शुद्धि

By ExamAtlas · 29/8/2026

वर्तनी शुद्धि एवं वाक्य शुद्धि

शुद्धि से 2 प्रश्न आते हैं और शिक्षक भर्ती के अर्हता पत्र में इसका महत्व संख्या से अधिक है, क्योंकि शुद्ध लेखन कक्षा में सीधे काम आता है। प्रश्न सरल रहते हैं — दिए गए विकल्पों में शुद्ध रूप पहचानना होता है।

अशुद्ध बनाम शुद्ध वर्तनी

अशुद्धशुद्धअशुद्धशुद्ध
आर्शीवादआशीर्वादउज्जवलउज्ज्वल
परिक्षापरीक्षाब्राम्हणब्राह्मण
सम्मान्यसम्माननीयअनुगृहअनुग्रह
श्रृंगारशृंगारनिरिक्षणनिरीक्षण
पुज्यपूज्यकवियत्रीकवयित्री

अधिकांश अशुद्धियाँ एक ही कारण से बनती हैं — बोलने में जो ध्वनि छोटी हो जाती है, वही लिखने में छूट जाती है। परीक्षा में ई दीर्घ है, इसलिए परिक्षा लिखना अशुद्ध है।

श्रृंगार शुद्ध वर्तनी है  |   शुद्ध रूप शृंगार है — श के नीचे ऋ, श्र नहीं

वाक्य की सामान्य अशुद्धियाँ

प्रकारअशुद्धशुद्ध
लिंगमेरी पुस्तक अच्छा हैमेरी पुस्तक अच्छी है
वचनवह दो पुस्तक लायावह दो पुस्तकें लाया
कारकराम ने हँसाराम हँसा
पुनरुक्तिवह वापस लौट आयावह लौट आया
शब्द चयनमुझे मालूम पड़ामुझे मालूम हुआ

दो नियम अधिकांश वाक्य अशुद्धियाँ पकड़ लेते हैं। पहला — संज्ञा और विशेषण का लिंग मिलना चाहिए। दूसरा — ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है, इसलिए राम ने हँसा अशुद्ध है।

पुनरुक्ति दोष

जब एक ही भाव वाक्य में दो बार आ जाए, तब पुनरुक्ति दोष होता है। यह अर्हता पत्र में सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रकार है, क्योंकि ये वाक्य बोलचाल में सही लगते हैं।

  • वापस लौटना — लौटने में वापस का भाव पहले से है।
  • केवल मात्र — दोनों शब्द एक ही अर्थ देते हैं।
  • पीछे अनुसरण करना — अनुसरण का अर्थ ही पीछे चलना है।
  • अत्यंत सुंदरतम — सुंदरतम में ही सर्वोच्चता है।

शोधन का क्रम

  1. पहले लिंग मिलाइए।
  2. फिर वचन मिलाइए।
  3. फिर कारक चिह्न जाँचिए, विशेषकर ने।
  4. अंत में अनावश्यक शब्द ढूँढ़िए।

यह क्रम इसलिए उपयोगी है कि अधिकांश अशुद्धियाँ पहले दो चरणों में ही पकड़ में आ जाती हैं। पूरा वाक्य बार-बार पढ़ने के बजाय एक-एक चरण जाँचिए — समय बचेगा और चूक नहीं होगी।

TRE संकेत: पुनरुक्ति दोष इस विषय का सबसे तय प्रश्न है — वापस लौटना, केवल मात्र, अत्यंत सुंदरतम। वर्तनी में आशीर्वाद, उज्ज्वल, शृंगार, ब्राह्मण चार सबसे अधिक आने वाले शब्द हैं। राम ने हँसा वाली अशुद्धि भी लगभग हर वर्ष आती है। शिक्षक पद के लिए यह विषय दोहरा महत्व रखता है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • शुद्ध रूप — आशीर्वाद, उज्ज्वल, शृंगार, ब्राह्मण, अनुग्रह।
  • परीक्षा और निरीक्षण में ई दीर्घ है।
  • संज्ञा और विशेषण का लिंग तथा कर्ता और क्रिया का वचन मिलना चाहिए।
  • ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है — राम हँसा, राम ने हँसा नहीं।
  • वापस लौटना और केवल मात्र पुनरुक्ति दोष हैं।
  • शोधन का क्रम — लिंग, वचन, कारक, फिर अनावश्यक शब्द।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुनरुक्ति दोष क्या होता है?

जब वाक्य में एक ही भाव दो बार आ जाए। वापस लौटना में लौटने का अर्थ ही वापस आना है, इसलिए वापस अनावश्यक है। केवल मात्र और अत्यंत सुंदरतम भी इसी दोष के उदाहरण हैं और अर्हता पत्र में बार-बार पूछे जाते हैं।

राम ने हँसा अशुद्ध क्यों है?

क्योंकि ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है और हँसना अकर्मक क्रिया है, जिसका कोई कर्म नहीं होता। शुद्ध रूप राम हँसा होगा। यह कारक संबंधी सबसे आम अशुद्धि है और लगभग हर वर्ष दोहराई जाती है।

वर्तनी की गलती से कैसे बचें?

शब्द को धीरे-धीरे बोलकर मात्रा की लंबाई जाँचिए। परीक्षा और निरीक्षण में ई दीर्घ है, इसलिए छोटी इ वाला विकल्प तुरंत हट जाता है। बोलने में जो ध्वनि छोटी हो जाती है, लिखने में वही छूटती है, इसलिए वहीं ध्यान दीजिए।

वाक्य शुद्धि किस क्रम में जाँचनी चाहिए?

पहले संज्ञा और विशेषण का लिंग, फिर कर्ता और क्रिया का वचन, फिर कारक चिह्न विशेषकर ने, और अंत में अनावश्यक शब्द। अधिकांश अशुद्धियाँ पहले दो चरणों में ही पकड़ में आ जाती हैं, इसलिए यह क्रम समय बचाता है।