विलोम शब्द एवं उपसर्ग से बने विलोम
विलोम शब्द एवं उपसर्ग से बने विलोम
विलोम से 2 प्रश्न आते हैं और इनमें से आधे उपसर्ग जोड़कर बने विलोम होते हैं। इसलिए यहाँ केवल जोड़े रटने से काम नहीं चलता — यह पहचानना ज़रूरी है कि कौन-सा उपसर्ग किस शब्द के आगे लगकर उलटा अर्थ देता है।
उपसर्ग से बने विलोम
| उपसर्ग | शब्द | विलोम |
|---|---|---|
| अ | ज्ञान | अज्ञान |
| अन | आदि | अनादि |
| नि | डर | निडर |
| वि | योग | वियोग |
| दुर् | गुण | दुर्गुण |
| प्रति | पक्ष | प्रतिपक्ष |
नियम सरल है — व्यंजन से शुरू होने वाले शब्द के आगे अ लगता है (अधर्म, अन्याय नहीं) और स्वर से शुरू होने वाले शब्द के आगे अन लगता है (अनादि, अनुचित, अनावश्यक)। यही नियम कई प्रश्न एक साथ हल कर देता है।
✗ आदि का विलोम अआदि होता है | ✓ स्वर से शुरू होने के कारण यहाँ अन लगेगा — अनादि
प्रमुख विलोम जोड़े
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| आदान | प्रदान | उत्कर्ष | अपकर्ष |
| आकर्षण | विकर्षण | अनुराग | विराग |
| सृष्टि | प्रलय | संयोग | वियोग |
| ज्येष्ठ | कनिष्ठ | शुष्क | आर्द्र |
| उन्नति | अवनति | आयात | निर्यात |
| स्वदेश | विदेश | क्षणिक | शाश्वत |
इनमें उत्कर्ष-अपकर्ष और ज्येष्ठ-कनिष्ठ सबसे अधिक पूछे जाते हैं। ध्यान रहे कि उन्नति का विलोम अवनति है, अवनत नहीं — विकल्पों में यही अंतर रखा जाता है।
तत्सम शब्दों के विलोम
- आस्तिक — नास्तिक।
- सापेक्ष — निरपेक्ष।
- साकार — निराकार।
- सुगम — दुर्गम।
- अनुकूल — प्रतिकूल।
- आरोह — अवरोह।
विलोम चुनते समय एक जाँच सदा काम आती है — शब्द भेद मिलाइए। यदि दिया गया शब्द संज्ञा है तो उसका विलोम भी संज्ञा ही होगा, और यदि विशेषण है तो विलोम भी विशेषण होगा। इसी कारण उन्नति का विलोम अवनति है, अवनत नहीं; और शुष्क का विलोम आर्द्र है, आर्द्रता नहीं। पाँच विकल्पों वाले पत्र में यह जाँच दो-तीन विकल्प एक साथ काट देती है और उत्तर तक पहुँचना आसान हो जाता है।
आसान तरीका: स और नि का जोड़ा पहचान लीजिए — सापेक्ष का निरपेक्ष, साकार का निराकार, सगुण का निर्गुण। एक पैटर्न से कई उत्तर मिल जाते हैं।
TRE संकेत: सबसे उपयोगी नियम यह है — व्यंजन से शुरू शब्द में अ, स्वर से शुरू शब्द में अन। उत्कर्ष-अपकर्ष, ज्येष्ठ-कनिष्ठ, आरोह-अवरोह लगभग तय प्रश्न हैं। स से नि वाला पैटर्न — सापेक्ष से निरपेक्ष, साकार से निराकार — एक साथ कई प्रश्न हल कर देता है, इसलिए इसे नियम की तरह याद रखिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- व्यंजनादि शब्द में अ और स्वरादि शब्द में अन उपसर्ग लगता है।
- आदान का प्रदान, उत्कर्ष का अपकर्ष, अनुराग का विराग।
- उन्नति का विलोम अवनति है, अवनत नहीं।
- ज्येष्ठ-कनिष्ठ, शुष्क-आर्द्र, आयात-निर्यात मानक जोड़े हैं।
- सापेक्ष-निरपेक्ष, साकार-निराकार, सगुण-निर्गुण एक ही पैटर्न पर हैं।
- अनुकूल का प्रतिकूल और आरोह का अवरोह।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अ और अन उपसर्ग में कब कौन-सा लगता है?
जो शब्द व्यंजन से शुरू होता है उसके आगे अ लगता है, जैसे धर्म से अधर्म और ज्ञान से अज्ञान। जो शब्द स्वर से शुरू होता है उसके आगे अन लगता है, जैसे आदि से अनादि, उचित से अनुचित और आवश्यक से अनावश्यक।
उन्नति का सही विलोम क्या है?
अवनति। विकल्पों में प्रायः अवनत भी रखा जाता है, जो विशेषण है, जबकि उन्नति संज्ञा है और उसका विलोम भी संज्ञा ही होगा। विलोम चुनते समय शब्द भेद मिलाना एक भरोसेमंद जाँच है।
सापेक्ष का विलोम निरपेक्ष क्यों है?
क्योंकि स उपसर्ग सहित होने का भाव देता है और निर् उपसर्ग रहित होने का। सापेक्ष यानी किसी की अपेक्षा सहित, निरपेक्ष यानी किसी अपेक्षा से रहित। यही पैटर्न साकार-निराकार और सगुण-निर्गुण में भी चलता है।
विलोम शब्द याद करने की सबसे तेज़ विधि क्या है?
जोड़ों को पैटर्न में बाँटकर। एक समूह उपसर्ग से बनने वाले विलोमों का बनाइए, दूसरा तत्सम जोड़ों का और तीसरा उन जोड़ों का जिनमें कोई नियम नहीं चलता। नियम वाले समूह पहले पूरे कीजिए, वे परीक्षा में अधिक आते हैं।
