Paryayvachi aur Vilom
पर्यायवाची और विलोम
एक ही अर्थ देने वाले शब्दों को पर्यायवाची और विपरीत अर्थ देने वाले शब्दों को विलोम कहते हैं। परीक्षा में दोनों सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें सूची के रूप में नहीं, वाक्य में प्रयोग करके याद करना अधिक टिकाऊ होता है।
प्रमुख पर्यायवाची शब्द
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| सूर्य | रवि, भानु, दिनकर, आदित्य, दिवाकर, प्रभाकर |
| चंद्रमा | चंद्र, शशि, राकेश, सुधाकर, निशाकर, मयंक |
| पानी | जल, नीर, तोय, सलिल, अंबु, वारि |
| आग | अग्नि, अनल, पावक, हुताशन, वह्नि |
| पृथ्वी | धरा, धरती, वसुधा, भू, अवनि, मही |
| हाथी | गज, हस्ती, कुंजर, द्विरद, मतंग |
| नदी | सरिता, तटिनी, तरंगिणी, आपगा, निर्झरिणी |
| आकाश | गगन, नभ, अंबर, व्योम, अंतरिक्ष |
| कमल | जलज, पंकज, नीरज, सरोज, अरविंद |
ध्यान दीजिए कि 'जलज', 'पंकज' और 'नीरज' सभी का अर्थ 'जल या कीचड़ में उत्पन्न' है — इसीलिए ये कमल के पर्यायवाची हैं। अर्थ जान लेने पर सूची याद रखने की आवश्यकता कम पड़ जाती है।
पर्यायवाची के प्रयोग की सावधानी
पर्यायवाची शब्द अर्थ में समान होते हैं, पर प्रयोग में सदा एक-दूसरे की जगह नहीं ले सकते। 'जल' और 'पानी' दोनों का अर्थ एक है, पर 'जलपान' कहा जाता है, 'पानीपान' नहीं। इसी तरह 'गृह' और 'घर' समानार्थी हैं, पर 'गृहमंत्री' के स्थान पर 'घरमंत्री' नहीं चलता। इसीलिए पर्यायवाची को वाक्य में देखकर याद करना चाहिए।
प्रमुख विलोम शब्द
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| आदि | अंत | उत्कर्ष | अपकर्ष |
| ज्ञान | अज्ञान | आय | व्यय |
| सजीव | निर्जीव | अनुरक्त | विरक्त |
| शुष्क | आर्द्र | उन्नति | अवनति |
| आदान | प्रदान | स्वदेश | विदेश |
| कृतज्ञ | कृतघ्न | सुगम | दुर्गम |
कक्षा में पर्यायवाची कैसे पढ़ाएँ
कक्षा 3 से 5 के बच्चों के लिए सूची लिखवाना सबसे कम उपयोगी तरीका है। इसके बजाय एक ही वाक्य को अलग-अलग शब्दों से दोहरवाइए, कविता की पंक्तियों में से समानार्थी शब्द खोजने को कहिए, और शब्द-कार्ड से जोड़ी मिलाने का खेल कराइए। शब्द तभी टिकता है जब बच्चा उसे स्वयं बोलता और लिखता है।
विलोम बनाने की विधियाँ
- उपसर्ग जोड़कर — ज्ञान से अज्ञान, संभव से असंभव, आस्तिक से नास्तिक।
- विरोधी उपसर्ग बदलकर — उत्कर्ष से अपकर्ष, सुगम से दुर्गम, आदान से प्रदान।
- पूर्णतः भिन्न शब्द से — दिन से रात, जीवन से मृत्यु, शत्रु से मित्र।
- लिंग बदलकर — राजा से रानी, नर से नारी।
✗ 'कृतज्ञ' का विलोम 'अकृतज्ञ' है। | ✓ 'कृतज्ञ' का विलोम 'कृतघ्न' है।
✗ 'नीरज' का अर्थ नीर अर्थात् जल है। | ✓ 'नीरज' का अर्थ कमल है — जो नीर में उत्पन्न हो।
स्मरण सूत्र: पर्यायवाची याद करने के लिए शब्द का मूल अर्थ पकड़िए — जलज, पंकज, सरोज सब 'जल में उत्पन्न' से बने हैं।
पर्यायवाची और विलोम से मिलाकर 1-2 प्रश्न लगभग हर बार आते हैं और ये सबसे आसान अंक हैं। सर्वाधिक पूछे जाने वाले शब्द सूर्य, चंद्रमा, जल, पृथ्वी, हाथी और कमल हैं। सबसे बड़ा जाल यह है कि विलोम में केवल 'अ' उपसर्ग लगा हुआ विकल्प रख दिया जाता है, जबकि शुद्ध विलोम कोई अलग शब्द होता है — जैसे कृतज्ञ का कृतघ्न, न कि अकृतज्ञ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पर्यायवाची शब्द याद रखने का सरल तरीका क्या है?
शब्द के मूल अर्थ को पकड़िए। जैसे कमल के पर्यायवाची जलज, पंकज, नीरज और सरोज सभी का अर्थ 'जल या कीचड़ में उत्पन्न' है, इसलिए एक अर्थ याद रखने से पूरी सूची जुड़ जाती है।
विलोम शब्द कितने प्रकार से बनते हैं?
चार प्रकार से — उपसर्ग जोड़कर जैसे संभव से असंभव, विरोधी उपसर्ग से जैसे उत्कर्ष से अपकर्ष, बिल्कुल भिन्न शब्द से जैसे दिन से रात, और लिंग परिवर्तन से जैसे राजा से रानी।
'कृतज्ञ' का सही विलोम क्या है?
कृतघ्न। कृतज्ञ का अर्थ है किए हुए उपकार को मानने वाला और कृतघ्न का अर्थ है उपकार को भूल जाने वाला। 'अकृतज्ञ' प्रचलित नहीं है और परीक्षा में यही जाल रखा जाता है।
60-second recap
- पर्यायवाची = समान अर्थ, विलोम = विपरीत अर्थ।
- सूर्य, चंद्रमा, जल, पृथ्वी, हाथी, कमल के पर्यायवाची सर्वाधिक पूछे जाते हैं।
- जलज, पंकज, नीरज, सरोज सब कमल के पर्यायवाची हैं।
- विलोम चार विधियों से बनते हैं — उपसर्ग, विरोधी उपसर्ग, भिन्न शब्द, लिंग।
- कृतज्ञ का विलोम कृतघ्न है, अकृतज्ञ नहीं।
