मुहावरे और लोकोक्तियाँ
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
मुहावरा वह वाक्यांश है जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ देता है और वाक्य में प्रयोग होने पर ही पूरा होता है। लोकोक्ति या कहावत एक पूर्ण वाक्य है जो लोक अनुभव से निकला कोई सामान्य सत्य कहती है।
दोनों का अंतर
| आधार | मुहावरा | लोकोक्ति |
|---|---|---|
| रूप | वाक्यांश, अधूरा | पूर्ण वाक्य |
| प्रयोग | वाक्य में ढालकर, क्रिया बदलती है | ज्यों का त्यों, रूप नहीं बदलता |
| अर्थ | लाक्षणिक | अनुभवजन्य उपदेश या सत्य |
| उदाहरण | आँख का तारा होना | नाच न जाने आँगन टेढ़ा |
प्रमुख मुहावरे
- आँख का तारा — बहुत प्रिय।
- अंगूठा दिखाना — देने से इनकार कर देना।
- नाक में दम करना — बहुत परेशान करना।
- दाँतों तले उँगली दबाना — आश्चर्यचकित होना।
- आग बबूला होना — बहुत क्रोधित होना।
- घी के दीये जलाना — खुशी मनाना।
- लोहे के चने चबाना — बहुत कठिन कार्य करना।
- टेढ़ी खीर — कठिन काम।
- श्रीगणेश करना — आरंभ करना।
- हाथ मलना — पछताना।
शरीर के अंगों से बने मुहावरे
हिंदी के अधिकांश प्रचलित मुहावरे शरीर के अंगों से बने हैं, और परीक्षा में यही समूह सबसे अधिक आता है। आँख से — आँख का तारा, आँखें बिछाना, आँख चुराना। हाथ से — हाथ मलना, हाथ बँटाना, हाथ धो बैठना। नाक से — नाक कटना, नाक में दम करना, नाक रगड़ना। मुँह से — मुँह की खाना, मुँह फुलाना, मुँह तोड़ जवाब देना। एक अंग के सारे मुहावरे एक साथ याद करने से पूरा समूह पक्का हो जाता है।
प्रमुख लोकोक्तियाँ
- नाच न जाने आँगन टेढ़ा — काम न आने पर बहाना बनाना।
- अंधों में काना राजा — अयोग्यों के बीच थोड़ा योग्य भी बड़ा।
- ऊँट के मुँह में जीरा — आवश्यकता की तुलना में बहुत कम।
- दूर के ढोल सुहावने — दूर से हर चीज़ अच्छी लगती है।
- अपनी करनी पार उतरनी — अपने कर्म का फल स्वयं भोगना।
- बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद — गुणहीन व्यक्ति गुण नहीं पहचानता।
प्रयोग की सावधानी
मुहावरे का अर्थ पूछा जाए तो लाक्षणिक अर्थ चुनिए, शब्दार्थ नहीं। 'नाक में दम करना' का अर्थ नाक से कोई संबंध नहीं रखता। साथ ही मुहावरा वाक्य में क्रिया के अनुसार बदलता है — 'उसने नाक में दम कर दिया', जबकि लोकोक्ति ज्यों की त्यों रहती है।
✗ 'ऊँट के मुँह में जीरा' मुहावरा है। | ✓ यह पूर्ण वाक्य है, अतः लोकोक्ति है।
✗ 'लोहे के चने चबाना' का अर्थ कठोर भोजन करना है। | ✓ इसका अर्थ अत्यंत कठिन कार्य करना है।
स्मरण सूत्र: मुहावरा वाक्यांश है और वाक्य में ढलता है; लोकोक्ति पूर्ण वाक्य है और अपने रूप में स्थिर रहती है।
इस भाग से एक प्रश्न लगभग निश्चित है, प्रायः किसी मुहावरे का अर्थ पूछकर। सबसे बड़ा जाल शब्दार्थ वाला विकल्प है, जो देखने में ठीक लगता है। दूसरा जाल मुहावरे और लोकोक्ति के भेद का है — यदि विकल्प पूरा वाक्य है तो वह लोकोक्ति है। बहुत बार दो मुहावरों के अर्थ आपस में बदल दिए जाते हैं, इसलिए अर्थ के साथ एक-एक वाक्य भी याद रखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुहावरा और लोकोक्ति में क्या अंतर है?
मुहावरा एक वाक्यांश है जो वाक्य में ढालकर प्रयुक्त होता है और उसकी क्रिया बदलती रहती है। लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य है जो लोक अनुभव से निकला सत्य कहती है और अपने रूप में स्थिर रहती है।
'टेढ़ी खीर' का अर्थ क्या है?
कठिन काम। यह मुहावरा उस कार्य के लिए प्रयुक्त होता है जो देखने में सरल लगे पर करने में कठिन हो, जैसे 'गणित उसके लिए टेढ़ी खीर है'।
मुहावरों का अर्थ याद रखने का अच्छा तरीका क्या है?
प्रत्येक मुहावरे को एक वाक्य में प्रयोग करके याद कीजिए। केवल अर्थ रटने पर परीक्षा में मिलते-जुलते विकल्पों में भ्रम होता है, जबकि वाक्य में प्रयोग करने पर अर्थ स्थिर हो जाता है।
60-second recap
- मुहावरा वाक्यांश है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य।
- मुहावरे का अर्थ लाक्षणिक होता है, शब्दार्थ नहीं।
- मुहावरा वाक्य में क्रिया के अनुसार बदलता है, लोकोक्ति नहीं।
- आँख का तारा, नाक में दम, लोहे के चने चबाना — सर्वाधिक पूछे जाने वाले।
- प्रत्येक मुहावरा एक वाक्य में प्रयोग करके याद कीजिए।
