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वाक्य शुद्धि

By ExamAtlas · 2/9/2026

वाक्य शुद्धि

वाक्य शुद्धि का अर्थ है वाक्य में आई व्याकरणिक अशुद्धि को पहचानकर सही रूप लिखना। अशुद्धियाँ प्रायः लिंग, वचन, कारक, क्रिया के मेल, पुनरुक्ति और शब्द चयन में होती हैं, और परीक्षा इन्हीं छह वर्गों से प्रश्न बनाती है।

प्रमुख अशुद्धियाँ और उनका सुधार

प्रकारअशुद्धशुद्ध
लिंग दोषउसकी पुस्तक अच्छा हैउसकी पुस्तक अच्छी है
वचन दोषअनेक विद्यार्थी आयाअनेक विद्यार्थी आए
कारक दोषमैंने जाना हैमुझे जाना है
क्रिया मेलराम और श्याम गयाराम और श्याम गए
पुनरुक्तिकृपया आप अवश्य ही ज़रूर आइएकृपया अवश्य आइए
शब्द चयनवह अपने आप स्वयं आयावह स्वयं आया

बार-बार आने वाली अशुद्धियाँ

  • 'केवल' और 'मात्र' एक साथ नहीं — 'केवल मात्र' अशुद्ध है, 'केवल' या 'मात्र' शुद्ध।
  • 'सर्वप्रथम' के साथ 'सबसे पहले' नहीं आता; दोनों का अर्थ एक ही है।
  • 'निरपराध' के साथ 'बिना अपराध' पुनरुक्ति है।
  • 'आपका सादर अभिनंदन' में 'सादर' पहले ही आदर सूचित करता है, अतः 'सादर सम्मानपूर्वक' अशुद्ध है।
  • 'लौटकर वापस आना' में 'लौटना' और 'वापस' एक ही अर्थ देते हैं।

वर्तनी की सामान्य अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
परिक्षापरीक्षा
अशीर्वादआशीर्वाद
प्रसंशाप्रशंसा
उपरोक्तउपर्युक्त
श्रीमती जीश्रीमती
अनुगृहीतअनुगृहीत (अनुग्रहीत अशुद्ध)
ज्येष्टज्येष्ठ

वर्तनी की अशुद्धि प्रायः दीर्घ-ह्रस्व मात्रा, 'श' और 'ष' के भेद तथा संयुक्त व्यंजन में होती है। इन्हें केवल पढ़कर नहीं, लिखकर याद किया जाता है।

बच्चों की भाषा और अशुद्धि

यहाँ शिक्षक के लिए एक ज़रूरी बात है। कक्षा 1-5 के बच्चे जब 'मैं गया था' के स्थान पर 'मैं गयी था' कहते हैं तो यह लापरवाही नहीं, नियम के सामान्यीकरण का प्रमाण है। ऐसी अशुद्धि को टोककर रोकने के बजाय शुद्ध रूप को बार-बार सुनाना और प्रयोग कराना अधिक प्रभावी होता है। CTET की शिक्षाशास्त्र संबंधी प्रश्न इसी दृष्टि की जाँच करते हैं।

मैंने वहाँ जाना है।  |   मुझे वहाँ जाना है।

यह मेरी पुस्तक का पन्ना फट गया है।  |   मेरी पुस्तक का पन्ना फट गया है।

स्मरण सूत्र: वाक्य शुद्धि में पहले लिंग-वचन का मेल देखिए, फिर कारक, फिर पुनरुक्ति — इन्हीं तीन में अधिकांश अशुद्धियाँ मिलती हैं।

वाक्य शुद्धि से एक प्रश्न प्रायः आता है, जिसमें चार वाक्यों में से शुद्ध या अशुद्ध वाक्य छाँटना होता है। सबसे बार-बार आने वाला जाल पुनरुक्ति दोष है, क्योंकि वाक्य सुनने में सही लगता है। दूसरा जाल 'मैंने जाना है' जैसे कारक दोष का है। एक शिक्षाशास्त्रीय रूप भी आता है जिसमें बच्चे की अशुद्धि पर शिक्षक की प्रतिक्रिया पूछी जाती है — वहाँ सही उत्तर सदा शुद्ध रूप के प्रयोग और अवसर देने वाला होता है, टोकने या दंड देने वाला नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाक्य में सबसे अधिक अशुद्धियाँ किन कारणों से होती हैं?

लिंग और वचन के मेल में, कारक चिह्न के गलत प्रयोग में, क्रिया के कर्ता से मेल न खाने में, पुनरुक्ति में और गलत शब्द चयन में। इन्हीं पाँच वर्गों से अधिकांश प्रश्न बनते हैं।

पुनरुक्ति दोष क्या होता है?

जब एक ही अर्थ देने वाले दो शब्द साथ प्रयुक्त हों तो पुनरुक्ति दोष होता है, जैसे केवल मात्र, लौटकर वापस आना, सर्वप्रथम सबसे पहले। इनमें से एक शब्द हटाना ही शुद्ध रूप है।

बच्चे की भाषागत अशुद्धि पर शिक्षक को क्या करना चाहिए?

उसे नियम के सामान्यीकरण का संकेत मानकर शुद्ध रूप को बार-बार सुनाना और प्रयोग का अवसर देना चाहिए। हर वाक्य पर टोकने से बच्चा बोलना ही बंद कर देता है।

60-second recap

  • अशुद्धि के मुख्य वर्ग — लिंग, वचन, कारक, क्रिया मेल, पुनरुक्ति, शब्द चयन।
  • 'केवल मात्र', 'लौटकर वापस', 'सर्वप्रथम सबसे पहले' पुनरुक्ति दोष हैं।
  • 'मैंने जाना है' अशुद्ध, 'मुझे जाना है' शुद्ध।
  • पहले लिंग-वचन का मेल जाँचिए, फिर कारक, फिर पुनरुक्ति।
  • बच्चों की अशुद्धि नियम-सामान्यीकरण है; टोकिए मत, शुद्ध रूप सुनाइए।

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