Topic 32.17 min read

मानचित्र, स्केल एवं भूगोल की शाखाएँ

Maps, Scale and the Branches of Geography

WhatsApp

यह अध्याय भूगोल की बुनियाद है और इससे प्रश्न प्रायः तीन बिंदुओं पर आते हैं — मानचित्र और ग्लोब का अंतर, स्केल के प्रकार, और मानचित्र के तीन अनिवार्य तत्व। तीनों सीधे तथ्य हैं, इसलिए यह भाग कम मेहनत में अंक देता है।

भूगोल की शाखाएँ

शाखाक्या पढ़ती है
भौतिक भूगोलस्थलरूप, जलवायु, मिट्टी, जल
मानव भूगोलजनसंख्या, बस्तियाँ, आर्थिक क्रियाएँ
जैव भूगोलपौधे, जीव और पारितंत्र
प्रादेशिक भूगोलकिसी एक क्षेत्र का समग्र अध्ययन

भूगोल शब्द का अर्थ ही पृथ्वी का वर्णन है और इसे यह नाम यूनानी विद्वान इरैटोस्थनीज़ ने दिया, जिन्हें भूगोल का जनक कहा जाता है। यह तथ्य सीधे पूछा जाता है।

मानचित्र, ग्लोब और रेखाचित्र

साधनविशेषतासीमा
ग्लोबपृथ्वी का सही आकार दिखाता हैछोटे क्षेत्र का विवरण नहीं
मानचित्रविस्तृत विवरण, ले जाने में आसानआकार में कुछ विकृति आती है
रेखाचित्रस्मृति से बना मोटा चित्रस्केल के बिना, सटीक नहीं

ग्लोब पर आकार सही रहता है पर उसमें किसी छोटे क्षेत्र का विवरण नहीं दिखाया जा सकता। मानचित्र गोल पृथ्वी को समतल काग़ज़ पर लाता है, इसलिए उसमें कुछ न कुछ विकृति आ ही जाती है। यह अंतर परीक्षा में कथन के रूप में आता है।

मानचित्र के तीन अनिवार्य तत्व होते हैं — दूरी यानी स्केल, दिशा और प्रतीक। इन तीनों के बिना कोई चित्र मानचित्र नहीं कहलाता।

स्केल

स्केल मानचित्र की दूरी और धरातल की वास्तविक दूरी के बीच का अनुपात है। उसे तीन तरह से दिखाया जाता है — कथन विधि, रैखिक विधि और निरूपक भिन्न।

निरूपक भिन्न = मानचित्र की दूरी ÷ धरातल की दूरी

  • बड़ा स्केल — छोटा क्षेत्र, अधिक विवरण; जैसे गाँव या नगर का मानचित्र।
  • छोटा स्केल — बड़ा क्षेत्र, कम विवरण; जैसे विश्व का मानचित्र।
  • स्केल जितना बड़ा, दिखाया गया क्षेत्र उतना छोटा होगा।

✗ बड़े स्केल का मानचित्र बड़ा क्षेत्र दिखाता है  |  ✓ इसका उल्टा सही है — बड़े स्केल पर क्षेत्र छोटा और विवरण अधिक होता है

दिशा, प्रतीक और ग्रिड

मानचित्र पर सामान्यतः ऊपर की ओर उत्तर दिखाया जाता है और इसके लिए एक तीर बना दिया जाता है। चार प्रमुख दिशाएँ उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम हैं, और उनके बीच चार अंतरवर्ती दिशाएँ आती हैं।

मानचित्र पर वस्तुएँ प्रतीकों से दिखाई जाती हैं और ये प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रूप से तय होते हैं, इसलिए किसी भी भाषा का व्यक्ति उन्हें समझ सकता है। रंगों का भी नियम है — नीला जल, हरा मैदान और वन, भूरा पर्वत और पीला पठार।

अक्षांश और देशांतर की रेखाएँ मिलकर जाल बनाती हैं, जिसे ग्रिड कहते हैं। इसी ग्रिड से किसी भी स्थान की सटीक स्थिति बताई जा सकती है।

मानचित्र के प्रश्न में सबसे पहले स्केल देखिए। स्केल पता चलते ही यह भी पता चल जाता है कि मानचित्र किस काम का है — गाँव दिखाने का या पूरे महाद्वीप का।

TRE संकेत: मानचित्र के तीन अनिवार्य तत्व सीधे पूछे जाते हैं। बड़ा स्केल छोटा क्षेत्र वाला उलटफेर भी तयशुदा है। मानचित्र के रंगों का अर्थ और इरैटोस्थनीज़ भूगोल के जनक भी सीधे आए हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • भूगोल शब्द का अर्थ पृथ्वी का वर्णन है।
  • मानचित्र के तीन अनिवार्य तत्व दूरी, दिशा और प्रतीक हैं।
  • ग्लोब आकार सही दिखाता है पर विवरण नहीं दे पाता।
  • बड़े स्केल पर क्षेत्र छोटा और विवरण अधिक होता है।
  • मानचित्र पर नीला जल, हरा मैदान और भूरा पर्वत दर्शाता है।
  • अक्षांश और देशांतर की रेखाएँ मिलकर ग्रिड बनाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानचित्र और ग्लोब में क्या अंतर है?

ग्लोब पृथ्वी का गोल प्रतिरूप है, इसलिए उस पर आकार और दूरी लगभग सही रहते हैं, पर उस पर किसी छोटे क्षेत्र का विवरण नहीं दिखाया जा सकता। मानचित्र गोल पृथ्वी को समतल काग़ज़ पर लाता है, इसलिए उसमें कुछ विकृति आ जाती है, पर वह विस्तृत विवरण दे सकता है और ले जाने में आसान है।

बड़े और छोटे स्केल में क्या अंतर है?

बड़े स्केल का मानचित्र छोटे क्षेत्र को अधिक विवरण के साथ दिखाता है, जैसे किसी गाँव या नगर का मानचित्र। छोटे स्केल का मानचित्र बड़े क्षेत्र को कम विवरण के साथ दिखाता है, जैसे विश्व का मानचित्र। नाम और अर्थ उल्टे लगते हैं, इसीलिए यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है।

मानचित्र पर प्रतीकों का प्रयोग क्यों होता है?

क्योंकि वास्तविक वस्तुओं का चित्र बनाना संभव नहीं है और स्थान भी सीमित होता है। प्रतीक कम जगह में स्पष्ट जानकारी दे देते हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रूप से तय हैं, इसलिए किसी भी भाषा का व्यक्ति उन्हें बिना अनुवाद के समझ सकता है।

मानचित्र पर उत्तर दिशा ऊपर ही क्यों दिखाई जाती है?

यह एक स्वीकृत परंपरा है, कोई प्राकृतिक नियम नहीं। इससे सुविधा यह होती है कि हर मानचित्र एक ही ढंग से पढ़ा जा सके और तुलना करना आसान हो। फिर भी हर मानचित्र पर दिशा दर्शाने वाला तीर बनाया जाता है, ताकि किसी भ्रम की गुंजाइश न रहे।

Checking your account…

It takes a minute with your WhatsApp number. Reading is free.

Done with this topic?

Lock it in with a quick Practice Set, then move on.

Maps, Scale and Map Reading | BPSC TRE 4.0 Part-III — ExamAtlas