वाक् तंत्र एवं IPA प्रतीक
वाक् तंत्र एवं IPA प्रतीक
ध्वनि विज्ञान भाग-तीन के प्रश्नपत्र में इसलिए आता है कि पात्रता ऑनर्स या सहायक अंग्रेज़ी की है, जहाँ यह अनिवार्य पत्र होता है। इससे तीन से चार प्रश्न आते हैं और अधिकांश परीक्षार्थी इसी को छोड़ देते हैं, इसीलिए यहाँ बढ़त सबसे सस्ते में मिलती है।
वर्तनी पर भरोसा क्यों नहीं
अंग्रेज़ी की वर्तनी और उसकी ध्वनि सदियों पहले अलग हो चुकी हैं। ough वाले अक्षर though, through, tough, cough, bough और thought में हर बार अलग बोले जाते हैं। ध्वनि विज्ञान इसीलिए बना कि ध्वनि का वर्णन वर्तनी से स्वतंत्र होकर किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय ध्वनि लिपि में एक ध्वनि के लिए एक ही प्रतीक होता है। भारतीय पाठ्यक्रमों में जिस उच्चारण को मानक माना जाता है, उसमें कुल चौवालीस ध्वनिग्राम हैं।
44 ध्वनिग्राम = 20 स्वर (12 शुद्ध + 8 संयुक्त) + 24 व्यंजन
ये चारों संख्याएँ इस अध्याय में सबसे अधिक सीधे पूछी जाती हैं, इसलिए इन्हें सबसे पहले पक्का कीजिए। छब्बीस अक्षर और चौवालीस ध्वनियाँ दो अलग व्यवस्थाएँ हैं, इन्हें मिलाइए मत।
✗ अंग्रेज़ी में छब्बीस ध्वनियाँ हैं क्योंकि छब्बीस अक्षर हैं | ✓ अक्षर छब्बीस हैं पर ध्वनिग्राम चौवालीस; अक्षर और ध्वनि अलग-अलग व्यवस्थाएँ हैं
वाक् अंग
| अंग | भूमिका |
|---|---|
| फेफड़े | लगभग सारी वाणी के लिए वायु देते हैं |
| स्वर तंतु | घोष ध्वनियों में कंपन करते हैं |
| जीभ | सबसे गतिशील अंग; अधिकांश ध्वनियाँ गढ़ती है |
| दाँत और वर्त्स्य | दंत्य और वर्त्स्य ध्वनियों के संपर्क बिंदु |
| तालु और कोमल तालु | तालव्य और कंठ्य ध्वनियों के संपर्क बिंदु |
| नासिका विवर | नासिक्य ध्वनियों के लिए खुला रहता है |
स्वर तंतु ही व्यंजन का वह लक्षण तय करते हैं जो सबसे अधिक पूछा जाता है। गले पर उँगली रखकर पहले एक अघोष ध्वनि और फिर उसकी घोष जोड़ी बोलिए — दूसरी बार कंपन महसूस होगा। यही कंपन घोषत्व है और वही p से b, t से d, k से g, f से v तथा s से z को अलग करता है।
ध्वनिग्राम, सहध्वनि और न्यूनतम युग्म
- ध्वनिग्राम — वह सबसे छोटी ध्वनि इकाई जो अर्थ बदल सकती है।
- सहध्वनि — किसी ध्वनिग्राम का वह रूप जो अर्थ नहीं बदलता, जैसे pin और spin वाले p में महाप्राण और अल्पप्राण अंतर।
- न्यूनतम युग्म — दो शब्द जिनमें केवल एक ध्वनि का अंतर हो, जैसे pin और bin, ship और sheep, cat और cut।
- अक्षर — उच्चारण की वह इकाई जो एक स्वर ध्वनि के चारों ओर बनती है।
न्यूनतम युग्म इस पूरे विषय का काम आने वाला औज़ार है, क्योंकि उसी से सिद्ध होता है कि दो ध्वनियाँ अलग ध्वनिग्राम हैं या एक ही की सहध्वनियाँ। प्रश्न में प्रायः चार जोड़े देकर पूछा जाता है कि उनमें असली न्यूनतम युग्म कौन-सा है।
लेखन की परंपरा
ध्वनि लेखन में तिरछी रेखाओं के बीच ध्वनिग्राम लिखा जाता है और वर्गाकार कोष्ठक में वास्तविक उच्चारण। यह अंतर प्रश्न में सीधे पूछा जा चुका है, इसलिए इसे याद रखिए।
इस अध्याय में सबसे पहले चार संख्याएँ पक्की कीजिए — चौवालीस, बीस, बारह और चौबीस। इतने से ही प्रायः एक प्रश्न सुरक्षित हो जाता है, और बाकी अध्याय उसके बाद आसान लगने लगता है।
TRE संकेत: चौवालीस ध्वनिग्राम की गिनती इस अध्याय का सबसे अधिक आने वाला प्रश्न है। न्यूनतम युग्म पहचानना भी तयशुदा है। ध्वनिग्राम और सहध्वनि का अंतर तथा घोष और अघोष जोड़ियाँ भी सीधे पूछी जाती रही हैं।
60 सेकंड का रिवीजन
- अंग्रेज़ी की वर्तनी और ध्वनि अलग-अलग व्यवस्थाएँ हैं।
- मानक उच्चारण में चौवालीस ध्वनिग्राम होते हैं।
- इनमें बीस स्वर और चौबीस व्यंजन हैं।
- बीस स्वरों में बारह शुद्ध और आठ संयुक्त स्वर हैं।
- स्वर तंतुओं का कंपन घोषत्व कहलाता है।
- न्यूनतम युग्म में केवल एक ध्वनि का अंतर होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अंग्रेज़ी में अक्षर छब्बीस और ध्वनियाँ चौवालीस क्यों हैं?
क्योंकि लिपि और उच्चारण दो अलग व्यवस्थाएँ हैं। एक ही अक्षर अलग शब्दों में अलग ध्वनि दे सकता है और एक ही ध्वनि कई तरह से लिखी जा सकती है। ough वाले शब्द इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण हैं। इसीलिए ध्वनियों को अलग से गिना जाता है और उनके लिए अलग प्रतीक बनाए गए।
न्यूनतम युग्म किसे कहते हैं?
ऐसे दो शब्द जिनमें केवल एक ही ध्वनि का अंतर हो और उसी अंतर से अर्थ बदल जाए, जैसे pin और bin या ship और sheep। यही जोड़ी सिद्ध करती है कि दोनों ध्वनियाँ अलग ध्वनिग्राम हैं। यदि ध्वनि बदलने पर अर्थ न बदले तो वे एक ही ध्वनिग्राम की सहध्वनियाँ मानी जाएँगी।
ध्वनिग्राम और सहध्वनि में क्या अंतर है?
ध्वनिग्राम अर्थ बदल सकता है, सहध्वनि नहीं। pin और spin में p की ध्वनि थोड़ी अलग तरह से बोली जाती है, पर इससे अर्थ नहीं बदलता, इसलिए वे एक ही ध्वनिग्राम की दो सहध्वनियाँ हैं। वहीं pin और bin में p और b का अंतर अर्थ बदल देता है, इसलिए वे दो अलग ध्वनिग्राम हैं।
घोष और अघोष ध्वनि की पहचान कैसे करें?
गले पर उँगली रखकर ध्वनि बोलिए। यदि कंपन महसूस हो तो वह घोष है और यदि न हो तो अघोष। इसी से b, d, g, v और z घोष सिद्ध होते हैं और p, t, k, f तथा s अघोष। यह जोड़ियों में चलता है, इसलिए एक जोड़ी याद कर लेने पर दूसरी अपने आप याद रह जाती है।
