वाक्य अशुद्धि शोधन
वाक्य अशुद्धि शोधन
अशुद्धि शोधन से 2 प्रश्न आते हैं और यही वह भाग है जो शिक्षक भर्ती के पत्र में सबसे अधिक महत्व रखता है। प्रश्न एक अशुद्ध वाक्य देकर शुद्ध रूप पूछता है, इसलिए अशुद्धियों के प्रकार पहले से जानना आवश्यक है।
अशुद्धि के प्रमुख प्रकार
| प्रकार | अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|---|
| लिंग संबंधी | मेरी पुस्तक अच्छा है | मेरी पुस्तक अच्छी है |
| वचन संबंधी | वह दो पुस्तक लाया | वह दो पुस्तकें लाया |
| कारक संबंधी | राम ने हँसा | राम हँसा |
| क्रिया संबंधी | मैं जाता हूँ कल | मैं कल जाऊँगा |
| शब्द चयन | उसने अपनी आत्मकथा स्वयं लिखी | उसने आत्मकथा लिखी |
अंतिम पंक्ति पुनरुक्ति दोष का उदाहरण है। आत्मकथा में स्वयं का भाव पहले से है, इसलिए स्वयं जोड़ना अनावश्यक है। इसी तरह वापस लौटना, पीछे अनुसरण करना, केवल मात्र भी पुनरुक्ति दोष हैं।
✗ वह वापस लौट आया — यह शुद्ध वाक्य है | ✓ लौटने में वापस का भाव है; शुद्ध रूप वह लौट आया
सबसे अधिक पूछी जाने वाली अशुद्धियाँ
- अशुद्ध — कृपया मेरा प्रार्थना स्वीकार करें | शुद्ध — कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें।
- अशुद्ध — वह बहुत विद्वान व्यक्ति है | शुद्ध — वह विद्वान व्यक्ति है।
- अशुद्ध — मुझे यह बात मालूम पड़ी | शुद्ध — मुझे यह बात मालूम हुई।
- अशुद्ध — सभी लोगों ने अपना-अपना काम किया | शुद्ध — सभी ने अपना काम किया।
- अशुद्ध — यह अत्यंत सुंदरतम दृश्य है | शुद्ध — यह सुंदरतम दृश्य है।
अंतिम दो उदाहरण एक ही दोष दिखाते हैं — अति सामान्यीकरण। सुंदरतम में ही सर्वोच्चता का भाव है, इसलिए उसके साथ अत्यंत लगाना अशुद्ध है।
शोधन की क्रमबद्ध विधि
- पहले लिंग मिलाइए — संज्ञा और विशेषण का लिंग एक होना चाहिए।
- फिर वचन मिलाइए — कर्ता और क्रिया का वचन एक होना चाहिए।
- फिर कारक चिह्न जाँचिए — विशेषकर ने का प्रयोग।
- फिर काल देखिए — वाक्य में एक ही काल चलना चाहिए।
- अंत में अनावश्यक शब्द हटाइए — पुनरुक्ति सबसे आम दोष है।
यह क्रम इसलिए उपयोगी है कि अधिकांश अशुद्धियाँ पहले तीन चरणों में ही पकड़ में आ जाती हैं। पूरा वाक्य बार-बार पढ़ने के बजाय एक-एक चरण जाँचिए, समय भी बचेगा और गलती भी नहीं होगी।
TRE संकेत: पुनरुक्ति दोष सबसे अधिक पूछा जाता है — वापस लौटना, केवल मात्र, अत्यंत सुंदरतम। ने का गलत प्रयोग दूसरा सबसे आम प्रश्न है। शोधन क्रम से कीजिए — लिंग, वचन, कारक, काल, अनावश्यक शब्द। शिक्षक पद के लिए यह विषय दोहरा महत्व रखता है, क्योंकि यही कक्षा में सीधे काम आता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- अशुद्धियाँ मुख्यतः लिंग, वचन, कारक, क्रिया और शब्द चयन की होती हैं।
- संज्ञा और विशेषण का लिंग तथा कर्ता और क्रिया का वचन मिलना चाहिए।
- ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है — राम हँसा, राम ने हँसा नहीं।
- वापस लौटना और केवल मात्र पुनरुक्ति दोष हैं।
- सुंदरतम के साथ अत्यंत लगाना अशुद्ध है।
- शोधन क्रम — लिंग, वचन, कारक, काल, फिर अनावश्यक शब्द।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुनरुक्ति दोष किसे कहते हैं?
जब वाक्य में एक ही भाव दो बार आ जाए। वापस लौटना में लौटने का अर्थ ही वापस आना है, इसलिए वापस अनावश्यक है। केवल मात्र, पीछे अनुसरण करना और अत्यंत सुंदरतम भी इसी दोष के उदाहरण हैं और परीक्षा में बार-बार आते हैं।
राम ने हँसा अशुद्ध क्यों है?
क्योंकि ने केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है और हँसना अकर्मक क्रिया है। शुद्ध रूप राम हँसा होगा। यह कारक संबंधी सबसे आम अशुद्धि है और अशुद्धि शोधन के प्रश्नों में इसे बार-बार दोहराया जाता है।
अशुद्धि शोधन का प्रश्न सबसे तेज़ कैसे हल करें?
क्रम से जाँचिए। पहले संज्ञा और विशेषण का लिंग मिलाइए, फिर कर्ता और क्रिया का वचन, फिर कारक चिह्न और काल, और अंत में अनावश्यक शब्द ढूँढ़िए। अधिकांश अशुद्धियाँ पहले तीन चरणों में ही पकड़ में आ जाती हैं।
मालूम पड़ना और मालूम होना में कौन शुद्ध है?
मालूम होना शुद्ध प्रयोग है। मालूम पड़ना बोलचाल में चलता है पर मानक हिंदी में अशुद्ध माना जाता है। ऐसे बोलचाल के प्रयोग परीक्षा में जान-बूझकर रखे जाते हैं, क्योंकि वे सुनने में सही लगते हैं और इसीलिए चूक होती है।
